न्यूरोलॉजिस्ट बनने की चाह ले आई ऑल इंडिया रैंकिंग में दूसरा स्थान पर

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने मंगलवार को 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए। 12वीं (इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट) में शहर की नंदिता प्रकाश ने संयुक्त रूप से यूपी टॉप कर ऑल इंडिया रैंकिंग में दूसरा स्थान भी हासिल किया है। किदवई नगर के डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर की छात्रा नंदिता ने सांइस स्ट्रीम में 99.75 फीसदी अंक हासिल किए हैं।

हमेशा पढ़ाई में अव्वल रहने वाली नंदिता सोशल मीडिया से दूर रहीं। न तो सोशल मीडिया पर कोई एकाउंट है और न ही व्हाट्सएप चलाती हैं। नवशील धाम अपार्टमेंट, जूही निवासी नंदिता के पिता अजय प्रकाश श्रीवास्तव डिप्टी एसपी हैं। वह इस वक्त डीजीपी लखनऊ कार्यालय से संबद्ध हैं। मां मीरा गृहिणी हैं। छोटी बहन ऋतिका प्रकाश ने आईसीएसई(10वीं) में 97 फीसदी अंक हासिल किए।

छोटा भाई अम्रस प्रकाश हैं। दोनों बेटियों की उपलब्धियों से माता-पिता गौरवांवित हैं। नंदिता ने बताया कि उनकी मां अक्सर बीमार रहती हैं। लगातार इलाज के बावजूद उनकी तबियत ठीक नहीं रहती है। शहर में न्यूरोलॉजिस्ट की कमी है, इसलिए मां को उचित इलाज भी नहीं मिल पाता है। वह न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं, ताकि मां के इलाज के साथ ही गरीबों की भी मदद कर पाऊं।

नंदिता का कहना है कि सक्सेज का सिर्फ एक ही मंत्र होता है और वो मन लगाकर पढ़ना। सब्जेक्ट वाइस नोट्स बनाएं। इसके बाद इग्जाम टाइम में रिवीजन करके सफलता हासिल की। नंदिता ने बताया कि ड्यूटी के चलते पिता के पास वक्त होता ही नहीं था। एक-एक सप्ताह में वह घर आ पाते थे। मां ने पूरा ख्याल रखा। बीमार होने के बावजूद खाने से लेकर पढ़ाई तक पर उनका ध्यान रहता था।

स्कूल के टीचरों ने हमेशा उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपनी सफलता के लिए मां और टीचरों को श्रेय दिया। पुलिस खराब तो अच्छी भी होती है। बस देखने का नजरिया होना चाहिए। यह कहना है टॉपर नंदिता का। डिप्टी एसपी की बेटी नंदिता ने बताया कि पुलिस की ड्यूटी का कोई वक्त नहीं होता है। कई बार ऐसे मौके भी आए, जब पिता घर आने के बाद उल्टे पांव लौट गए। लोगों को अपना नजरिया बदलना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *