बहुचर्चित माखी रेप कांड में पक्षकार रहे महेश सिंह को हुई सजा

मांखी कांड में रेप पीड़िता के चाचा पर हत्या के प्रयास का मामला न्यायालय ने सत्य पाया था। जिस आधार पर मंगलवार को अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाते हुए 5 हजार रूपए जुर्माना भी लगाया। इसके साथ ही महेश सिंह पर न्यायलय ने 5 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है। दोनों पक्षों से वकीलों के कोर्ट रूलिंग और तर्क वितर्क सुनने के बाद 62 पन्नों का जजमेंट तैयार हुआ है। जिसके बाद न्यायाधीश वांछित अपराधी पर सजा मुकर्रर की है।

बता दें कि इसी मामले में आरोपी 17 वर्षों से फरार था। इसी के साथ गैंगस्टर संबंधी मामले में सफेदा लगाकर दस्तावेजों में अपना नाम महेश के स्थान पर रमेश लिखा था। महेश सिंह को पुलिस ने वर्ष 2018 में मुखबिर की सूचना पर दिल्ली से हिरासत में लिया था। जिसके बाद से ही जेल में बंद था। वर्ष 2000 में माखी गांव में प्रधानी चुनाव के दौरान आरोपी महेश सिंह ने अपने दो भाईयों के साथ मिलकर गांव के ही जयदीप सिंह पर जानलेवा हमला किया था। जिसका मुकदमा माखी थाने में दर्ज हुआ और आरोपी के दोनो भाई दोष मुक्त पाए गए। दोषी महेश सिंह पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया तो वह फरार हो गया। जिसके बाद कई सरकारी दस्तावेजों पर व्हाइटनर लगाकर वह महेश की जगह रमेश बनकर घूमता रहा। करीब 17 वर्षों तक वह फरार रहा। महेश उस वक्त चर्चा में आया जब उसकी भतीजी ने विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप मढा। इसके बाद पुलिस ने माखी थाने के वाछिंत अपराधी पर शिकंजा कसा। वर्ष 2018 में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी महेश को दिल्ली में गिरफ्तार किया। जिसके बाद से न्यायाधीश प्रहलाद टंडन नें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क वितर्क सुनने के बाद आरोपी महेश सिंह को दोषी पाया और उसे सजा देने का फैसला किया है।

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