हरयाणा टीम ने भ्रूण जांच करने वाले डॉक्टर को धर दबोचा

सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी प्रदेश में भ्रूण लिंग जांच का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सब कुछ जानते हुए भी स्थानीय अधिकारी इससे अंजान बने रहते हैं, और हर बार हरियाणा की टीम आकर इस धंधे का खुलासा करते हुए आरोपियों को धर दबोचती है। मेरठ के थाना मेडिकल इलाके के तेजगढ़ी चौराहे के पास एक डेंटल क्लिनिक की आड़ में गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम ऐंठकर भ्रूण लिंग जांच कराने के नाम पर उनका अल्ट्रासाउंड कराया जाता है।

भ्रूण लिंग जांच पर अंकुश लगाने का प्रशिक्षण देने के लिए हरियाणा से एक टीम मेरठ पहुंची थी। टीम को उनके मुखबिर द्वारा लगातार एक स्थानीय डॉक्टर द्वारा भ्रूण लिंग जांच कराने की बात कही जा रही थी। तो टीम ने पहले तो मेरठ में के कलेक्ट्रेट में भ्रूण लिंग जांच पर अंकुश लगाने का प्रेजेंटेशन दिया फिर स्थानीय अधिकारियों को साथ लेकर उसी डॉक्टर को निशाना बनाया और क्लीनिक पर छापेमारी करते हुए डेंटिस्ट समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। डॉक्टर की क्लिनिक से कई गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड भी बरामद किये गए हैं।

बता दें कि मेडिकल इलाके के तेजगढ़ी चौराहे के पास मुद्गल डेंटल क्लिनिक के नाम से डॉ वैभव मुद्गल का क्लीनिक है। हरियाणा की टीम को लगातार 3 महीने से अपने मुखबिरों द्वारा सूचना मिल रही थी कि डॉ वैभव अपने साथियों के साथ मिलकर भ्रूण लिंग जांच का गोरखधंधा चलाता है। जब आज हरियाणा की टीम मेरठ पहुंची तो, टीम ने सिटी मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद डॉक्टर का पर्दाफ़ाश करने के लिए अपना जाल बुना। उन्होंने एक गर्भवती महिला के साथ अपनी टीम की एक महिला सदस्य को भेजा और तेजगढ़ी चौराहे पर फुरकान नाम के एक दलाल से मिले जो महिला सदस्य को अपने साथ डॉक्टर मुद्गल के क्लीनिक पर ले गया। वहां महिला से जांच के नाम पर 17 हजार रुपये जमा कराए और डॉ दीपमाला के लेटर पैड पर अल्ट्रासाउंड के लिए परामर्श दिया। उसके बाद दलाल दोनों महिलाओं को लेकर हीरालाल डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचा जहां पर उनसे नॉर्मल तरीके से फॉर्म भी भरवाया गया। वहां फॉर्म भरता देख टीम समझ गई कि यहां पर इस तरह का गलत काम नहीं हो रहा है बल्कि डॉ वैभव ही अपने साथ मिलकर लोगों का लिंग परीक्षण करने के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठता है। टीम ने वैभव मुद्दगल सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। टीम को क्लिनिक से कई महिलाओं के अल्ट्रासाउंड सहित शुभकामना क्लीनिक की डॉक्टर दीपमाला के लेटर पैड भी मिले हैं। जिन पर डॉ वैभव फर्जी तरीके से महिलाओं को अल्ट्रासाउंड का परामर्श देता है।

लेकिन सवाल यही है कि हर बार हरियाणा की टीम ही क्यों मेरठ के इन काले कारोबारियों का खुलासा करके उन्हें गिरफ्तार करती है। मेरठ की टीम आखिर सब कुछ जानने के बाद भी क्यों कुछ नहीं करती है। क्या मेरठ की टीम को ये गोरखधंधे वाले समय-समय पर चढ़ावा चढ़ाते रहते हैं।

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