भ्रष्टाचार के विरोध में सभासदों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

सरकार के दावे लाख भले हो लेकिन भ्रष्टाचार है कि कम नहीं हो रहा किसी भी विभाग पर नजर उठा कर देख ले वहां भ्रष्टाचार की दीमक ने उसे पूरी तरीके खोखला कर दिया है उन्नाव नगर पालिका इसकी एक बानगी है जहां भ्रष्टाचार के विरोध में सभी सभासदों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर आज इस्तीफा दे दिया।

मामला शहर की नगर पालिका उन्नाव नगर पालिका परिषद का है जहां 2 साल से बोर्ड मीटिंग तो की जा रही है लेकिन सभासदों के एक भी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं नतीजा यह निकला कि बिना टेंडर के नगर पालिका में कच्चे काम करा दिए गए और बिना टेंडर के 3 करोड़ 30 लाख रुपए निकाल लिए। जिन की भनक सभासदों को भी नहीं है। करोड़ों रुपए से बिजली के खंभे बिना टैंडर खरीदे गए। बिना किसी टेंडर के लगातार हो रहे लूट के विरोध में जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचकर सभासदों ने अपना इस्तीफा लिखित रूप में जिलाधिकारी को दे दिया।

यह पहला मामला नहीं है इसके 2 दिन पूर्व में भी सभासदों ने बोर्ड की मीटिंग का बहिष्कार करते हुए इस्तीफा देने की बात कही थी तब वहां सदर विधायक पंकज गुप्ता ने पहुंचकर सभासदों को मनाने का प्रयास किया था सभासद नहीं माने और आज वह इस्तीफा देने जिलाधिकारी की चौखट पर पहुंचे।

आक्रोशित सभासदों ने जिलाधिकारी को भ्रष्टाचार से जुड़ी हुई कई जानकारियां दी जिस पर जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर जांच कराने की बात तो कही है लेकिन सभासदों ने भी इस्तीफा सौंपने के बाद कहा अगर हमारी मांगे नहीं पूरी हुई तो हम मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करने से भी नहीं हिचकेंगे।

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