बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर को एक फौजी ने मारी थी गोली

बुलंदशहर: बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध को एक फैजी ने गोली मारी थी। बताया जा रहा है कि एफआईआर में भी उक्त फौजी का नाम है। साथ ही वायरल वीडियो में भी फौजी अवैध कट्टे के साथ दिख रहे हैं। इसी को आधार बनाकर पुलिस जांच भी कर रही है।

बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के चिन्गरावठी गांव में 3 दिसंबर को गोकशी के शक में भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या को एक फौजी ने अंजाम दिया था। सूत्रों के मुताबिक छुट्टी पर आए फौजी ने ही अवैध कट्टे से इंस्पेक्टर सुबोध को गोली मारी थी। वारदात के बाद फौजी जम्मू भाग गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।

बताया जा रहा है कि एफआईआर में भी उक्त फौजी का नाम दर्ज है। पुलिस को इस संबंध में एक महत्वपूर्ण वीडियो मिला है, जिसमें फौजी गोली चलाता साफ दिख रहा है। उसके बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने जम्मू में फौजी की यूनिट के अधिकारियों से बात की। सूत्रों की मानें तो फौजी की गिरफ्तारी के लिए बुलंदशहर से पुलिस की टीम जम्मू के लिए रवाना हो गई है।

इस बीच यह भी खबर आ रही है कि एडीजी इंटेलीजेंस एसपी शिरोडकर ने मामले में अपनी जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंस्पेक्टर सुबोध और सुमित की हत्या एक ही बोर की गोली से हुई है। साथ ही पूरी घटना को एक सुनियोजित साजिश बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंस्पेक्टर सुबोध बगैर हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्शन के मौके पर पहुंचे थे।

मामले में सीनियर पुलिस अधिकारी भी लेट से मौके पर पहुंचे। घटना 9.30 बजे के बाद की है जबकि अधिकारी 11.30 बजे के करीब पहुंचे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक साजिश के तहत आरोपी ट्रैक्टर ट्राली पर प्रतिबंधित मांस रखकर भाग रहे थे, जिसकी वजह से पुलिस ट्राली को हटाने में नाकाम रही।

ऐसा कर आक्रोशित भीड़ पुलिस का समय बर्बाद करना चाहती थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके कुछ देर बाद ही धार्मिक कार्यक्रम से लौटने वाली भीड़ को उसी सड़क पर आना था। तब स्थिति बेकाबू हो सकती थी। एडीजी इंटेलिजेंस ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव गृह को सौंपी है।

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