अनुभव के विरुद्ध लड़ेंगे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए सोमवार को दिल्ली की सात में से छह सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। दिल्ली की सातवीं सीट पर पार्टी का उम्मीदवार तय होना बाकी है। उत्तर-पूर्व दिल्ली सीट से पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को उतारा गया है। उनका मुकाबला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से होगा। तिवारी इस सीट से 2009 और 2014 में चुनाव जीत चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने इस सीट से दिलीप पांडे को मौका दिया है। उधर, कांग्रेस ने उत्तरप्रदेश की तीन लोकसभा सीटों पर भी उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया।

इस मौके पर शीला ने कहा, “मैं अपनी जिम्मेदारी निभाने की पूरी कोशिश करूंगी। मैं यहां से पहले लड़ चुकी हूं और लोग मुझे जानते हैं। हमने यहीं से मेट्रो शुरू की थी। हम लोगों के काम करने के लिए जाने जाते हैं।”

जयप्रकाश अग्रवाल और अजय माकन को फिर मिला टिकट

2014 में कांग्रेस ने उत्तर-पूर्व दिल्ली सीट पर जयप्रकाश अग्रवाल को मौका दिया था। हालांकि, वे तीसरे स्थान पर रहे थे। अग्रवाल को इस बार कपिल सिब्बल की जगह चांदनी चौक सीट से मौका दिया गया है, यहां उनका मुकाबला केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से होगा। वहीं, नई दिल्ली सीट पर पार्टी ने एक बार फिर अजय माकन पर भरोसा जताया है। 2014 में भाजपा की मीनाक्षी लेखी यहां से चुनाव जीती थीं। माकन तीसरे नंबर पर रहे थे।

दीक्षित 1984 में पहली बार बनी थीं सांसद

शीला दीक्षित ने पहली बार 1984 में कन्नौज सीट से चुनाव लड़ा था। यहां उन्होंने सपा के छोटे सिंह यादव को हराया था। 1984 से 1989 तक सांसद रहने के दौरान वे यूनाइटेड नेशंस कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वीमेन में भारत की प्रतिनिधि रह चुकी हैं। इसके बाद 1998 में वे नई दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं और 2013 तक इस पद पर रहीं।

संतकबीर नगर से पार्टी ने दो दिन पहले सपा से कांग्रेस में शामिल हुए भालचंद्र यादव को टिकट दिया गया है। भालचंद्र 2 बार सांसद रह चुके हैं। इससे पहले इस सीट से पार्टी ने परवेज खान को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस ने इलाहाबाद से योगेश शुक्ला और डुमरियागंज से चंद्रेश उपाध्याय को उम्मीदवार बनाया है। योगेश शुक्ला 2009 में भाजपा के टिकट पर इलाहाबाद से चुनाव लड़ चुके हैं।

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