MP में बारिश ने खोली नगर-निगम की पोल, फूटा जनता का गुस्सा

कटनी: भारतीय जनता पार्टी के नगर के जनप्रतिनिधि जहां विकाश का ढ़िढोरा पीटने से नहीं चूक रहे हैं वहीं आधे घंटे की बारिश ने नगरनिगम की पोल खोल कर रख दी। नगर की सड़कों की कल शाम ही हुई आधे घंटे की झमाझम बारिश से मिशन चौक से कटायेघाट मोड़ तक कमर के ऊपर से सड़क में पानी भरा हुआ था जहां निकलने वालों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। बीते वर्षों पहले मुख्यमंत्रीअघोसनर्चना योजना के तहत 55 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाई गई थी।

जिसमें अनुज्ञा पत्र में साफ था कि सड़क दोनो ओर गहरी नाली निर्माण का प्रावधान शामिल था किन्तु सड़क निर्माण को देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि सड़क और नाली निर्माण में जनता के गाढ़ी कमाई जी नगरनिगम ने टैक्स के रूप में वसूल किया है उस रकम को नगरनिगम के द्वारा किस कदर भ्र्ष्टाचार किया गया है। इसका जीता-जागता प्रमाण आधे घंटे की बारिश ने बता दिया। आज यहां ये बताना मुनासिब होगा कि चंद दिनों पहले उपनगरीय माधवनगर में ऐसे ही हुई बारिश के चलते एक नाले में बेटी को बचाने में पिता भी असमय काल का ग्रास बने थे जिनकी मौत हुई ओ कोई और नहीं थे जिले के भाजपा अध्यक्ष पीताम्बर टोपनानी के भतीजे थे। पार्टी के नेता होने के कारण ओ भी अंदर-अंदर रोते रहे और मन ही मन नगरनिगम की नारकीय व्यवस्था को कोसते रहे किन्तु कुछ कर नही पाये।

अभी नगर निगम के सदन की बैठक में कांग्रेस पार्षद ने नगरनिगम की हठधर्मी के चलते खुद पर कैरोसिन डालकर सदन में ही आत्महत्या करने की कोशिश की थी। नगर के वाशिंदों का कहना है कि महापौर के द्वारा केवल फीता काटकर वाह-वाही लूटने के अलावा कुछ नही किया। जनता का आक्रोश फूटने की कगार में है। जनता तो ये भी कहती है कि क्या बताएं साहब नगरनिगम के अफसरों के भ्र्ष्टाचार कितने कारनामें हैं सबसे बड़ी बात तो ये है कि किसी अधिकारी की करतूत की जांच उसके रिटायरमेन्ट के बाद तक चलती रहती है और आरोप से मुक्त हो जाता है।

 

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