One Nation One Election (एक देश, एक चुनाव) के मसले पर आज होगी बैठक

One Nation One Election (एक देश, एक चुनाव) के मसले पर आज सभी पार्टी प्रमुखों की बैठक होगी। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा बुलाई गई है, जिसकी अध्‍यक्षता भी वह खुद ही करेंगे। वहीं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर इस बारे में अवगत भी करा दिया है। बैठक दोपहर बाद तीन बजे से शुरू होने की संभावना है।

इस बीच, बसपा (Bahujan Samaj Party) सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने इस बैठक पर निशाना साधते हुए कहा है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव कभी कोई समस्या नहीं हो सकती है और न ही चुनाव को कभी धन के व्यय-अपव्यय से तौलना उचित है। देश में ‘एक देश, एक चुनाव’ की बात वास्तव में गरीबी, महंगाई, बेरोजबारी, बढ़ती हिंसा जैसी ज्वलंत राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने का प्रयास व छलावा मात्र है।

मायावती ने ट्वीट कर कहा है कि बैलेट पेपर (ballot paper) के बजाए ईवीएम ( electronic voting machine, EVM)के माध्यम से चुनाव की सरकारी जिद से देश के लोकतंत्र व संविधान को असली खतरे का सामना है। ईवीएम के प्रति जनता का विश्वास चिंताजनक स्तर तक घट गया है। ऐसे में इस घातक समस्या पर विचार करने हेतु अगर आज की बैठक बुलाई गई होती तो मैं अवश्य ही उसमें शामिल होती।

इस बैठक में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर विचार, 2022 में आजादी के 75वें वर्ष के जश्न, महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष को मनाने समेत कई मामलों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी सांसदों को दिल्ली के अशोका होटल में रात्रिभोज देंगे। वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपना रुख सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि, कल सोनिया गांधी के आवास पर बुलाई गई बैठक में इस मुद्दे को लेकर भी चर्चा हुई। इस बीच, कांग्रेस की ओर से बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक भी रद्द कर दी गई है।

ममता बनर्जी ने संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी भेजे गए पत्र में लिखा है, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ जैसे संवेदनशील एवं गंभीर विषय पर इतने कम समय में जवाब देने से इस विषय के साथ न्याय नहीं होगा। इस विषय को संवैधानिक विशेषज्ञों, चुनावी विशेषज्ञों और पार्टी सदस्यों के साथ विचार-विमर्श की जरूरत है। मैं अनुरोध करूंगी कि इस मुद्दे पर जल्दबाजी में कदम उठाने के बजाए, आप कृपया सभी सियासी दलों को इस विषय पर एक श्वेत पत्र भेजें जिसमें उनसे अपने विचार व्यक्त करने को कहा जाए।’

इस बैठक में द्रमुक प्रमुख एमके स्‍टालिन, दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तेदेपा सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू भी भाग नहीं लेंगे। आम आदमी पार्टी की ओर से प्रतिनिधि के तौर पर राघव चड्ढ़ा बैठक में भाग लेंगे। टीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव भी बैठक में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने अपनी जगह बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव को भेजने का फैसला लिया है।

हालांकि, राकांपा प्रमुख शरद पवार (NCP chief Sharad Pawar) और माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी (CPM General Secretary Sitaram Yechury) बैठक में भाग लेंगे। बता दें कि पहले भी कांग्रेस समेत कई दल ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विरोध कर चुके हैं। इस बार भी कुछ ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अधिकतर विपक्षी दलों की ओर से इस बैठक को अव्यावहारिक बताते हुए इसका विरोध किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *